धोखेबाज शायरी, Dhokebaaz Shayari in Hindi

Dhokebaaz Shayari in Hindi – आपको यहाँ इस पोस्ट में धोखेबाज शायरी का बेहतरीन संग्रह दिया गया हैं. हमारे जीवन में सभी रिश्तों का एक खास महत्व होता हैं. सभी रिश्तों को अच्छी तरह से निभाना आसान नहीं होता हैं. लेकिन कुछ रिश्ते ऐसे होते हैं. जो सिर्फ मतलब के लिए ही होते हैं. जब उनका काम मतलब पूरा हो जाता हैं. तब वह धोखा दे कर चले जाते हैं.

यह कहना कोई गलत नहीं होगा की इस समय दुनिया मतलबी हो चुकी हैं. यह एक अटूट सत्य हैं. इस समय दुनिया में लोग किसी से बिना मतलब के तो मिलना भी नहीं चाहते हैं. बस सभी अपना – अपना एक दुसरे से काम निकालना चाहते हैं. लोग इस समय निजी स्वार्थ में इतना लिप्त हो गए हैं. जिसकी वजह से उनके पास रिश्तों की कोई अहमियत नहीं रह गई हैं.

अब आइये यहाँ पर कुछ नीचे Dhokebaaz Shayari in Hindi में दिए गए इसे पढ़ते हैं. हमें उम्मीद हैं की यह सभी Rishte Dhokebaaz Shayari आपको पसंद आयगी. इसे अपने दोस्तों के साथ भी जरुर शेयर करें.

धोखेबाज शायरी, Dhokebaaz Shayari in Hindi

Dhokebaaz Shayari in Hindi

(1) जिन्दगी की हर मोड़ पर धोखेबाज मिलें,
उनमें पराये कम, अपने ज्यादा मिलें।

(2) जो धोखा करना सीख जाते है जनाब,
हर सख़्श उन्हें धोखेबाज़ लगते है।

(3) दर्द इतना था ज़िंदगी में कि
धड़कन साथ देने से घबरा गयी

(4) बहुत रंगीन ये ज़माना हर शख्स ने रंग दिखाया हैं,
दग़ाबाज़ी करना हमे दोस्तों ने सिखाया है।

(5) ज़िन्दगी बदलती है वक़्त के साथ,
वक़्त नहीं बदलता दोस्तों के साथ।
बस दोस्त बदल जाते है वक़्त के साथ।

(6) जब दोस्त ही शामिल हो दुश्मनों की चाल में,
तब शेर भी फास जाता है मकड़ी की जाल में।

(7) उसने तोडा वो ताल्लुक़ जो हमारी हर बात से था,
उसको दुःख न जाने मेरी किस बात से था।
सिर्फ ताल्लुक़ रहा, लोगों की तरह वो भी,
जो अच्छी तरह वाकिफ मेरी हर बात से था।

(8) समझ लेते हैं हम उनकी दिल की बात को,
वो हमें हर बार धोका देते है।
लेकिन हम भी मजबूर हैं दिल से,
जो उन्हें बार बार मौका देते हैं।

(9) पहले ज़िंदगी छीन ली मुझसे,
अब वो मेरी मौत का भी फ़ायदा उठाती है।
मेरी क़बर पे फूल चढाने के बहाने,
वो किसी और से मिलने आती है।

(10) अल्फ़ाज़ सिर्फ चुभते हैं ,
खामोशियां मार देते हैं।।
यूँ न कहो कि क़िस्मत की बात है,
मेरी तन्हाई में कुछ तुम्हारा भी हाथ है।।

Bewafa Dhokebaaz Shayari

Rishte Dhokebaaz Shayari

(11) धोका तूने ऐसा दिया,
मेरी जिंदगी का हर मकसद मुझसे छीन लिया।।

(12) हर खेल में हम बाजी मार जाते हैं,
पर धोखेबाज से हम बाजी हार जाते हैं।

(13) बेवफा लोग बढ़ रहे हैं धीरे धीरे,
इक शहर अब इनका भी होना चाहिए।

(14) जब से प्यार में धोका खाया है,
हर हुस्न वालों से डर लगता है।
पहले अंधेरे की आदत नहीं थी मुझे,
अभी उजालों से डर लगता है।।

(15) मैंने नंबर आज तक नहीं बदला,
कभी कॉल लगा कर तो देखो ।।

(16) भरोसा जितना कीमती होता है,
धोका उतना ही महंगा हो जाता है।
ईमानदारी का दाम कोन जाने,
यहां हर बेइमान राजा हो जाता है।।

(17) धोखेबाजों का चलन है साहब,
वफ़ा करने वालो की कहाँ कदर है।

(18) हम दोनों ही धोखा खा गए,
हमने तुम्हें औरों से अलग समझा।
और तुमने हमें औरों जैसा ही समझा।।

(19) धोखा देकर ऐसे चले गए,
जैसे कभी जानते ही नहीं थे।
अब ऐसे नफरत जताते हो,
जैसे प्यार को मानते ही नहीं थे!

(20) खूबियां इतनी तो नहीं हम में कि,
तुम्हें कभी याद आएंगे,
पर इतना तो भरोसा है हमें खुद पर,
आप हमें कभी भूल नहीं पाएंगे !!

Dhokhebaj Shayari

Bewafa Dhokebaaz Shayari

(21) बार-बार माफ़ तो किया जा सकता है,
पर भरोसा सिर्फ एक बार ही होता है।

(22) तुमने प्यार ना सही पर तुम्हारे धोखे ने,
मुझे बहुत हिम्मत दी है।

(23) दिल के ज़ख्म भरते-भरते कब वो,
दिल ज़ख़्मी कर गए पता ही नहीं चला।

(24) मोहब्बत करने वाला में भी अक्सर ये सिला देखा है,
जिन्हे अपनी वफ़ा पे नाज़ था उन्हें भी बेवफा देखा है।

(25) दीवानगी का सितम तो देखो कि धोखा मिलने,
के बाद भी चाहते है हम उनको।

(26) दिल के दर्द को दिखाना बड़ा मुश्किल है,
धोका खा कर बताना बड़ा मुश्किल है।

(27) आंखें बंद थी किसी कि याद में ,
और मौत धोखा खा गयी!

(28) जमाने को अच्छा समझा, लेकिन वो चालबाज निकला,
अपने को अपना समझा, लेकिन वो धोखेबाज निकला।

(29) दिलों जान से चाहा था उसे,
लेकिन उसने मेरी मजबूरी को धोखेबाजी का नाम दे दिया।

(30) तुझसे अच्छे तो जख्म हैं मेरे,
उतनी ही तकलीफ देते हैं जितनी बर्दास्त कर सकूँ।

(31) सुकून की तलाश में हम दिल बेचने निकले थे,
खरीददार दर्द भी दे गया और दिल भी ले गया।

Dhokhebaj Shayari

(32) बेवफ़ाओं की महफ़िल लगेगी,
आज ज़रा वक़्त पर आना मेहमान-ए-ख़ास हो तुम।

(33) धोखा भी बादाम की तरह है ,
जितना खाओगे उतनी अक्ल आती है ।।

(34) यूँ न कहो कि क़िस्मत की बात है,
मेरी तन्हाई में कुछ तुम्हारा भी हाथ है …।।

(35) धोका तूने ऐसा दिया,
मेरी जिंदगी का हर मकसद मुझसे छीन लिया …।।

(36) साथ रहना था ही नहीं तो ,
तुमने हमसे नाता क्यों जोड़ा …
हमे धोका देकर तुमने ,
हमे कही का नहीं छोड़ा …।।

(37) चलो धोका ही था तुम्हारा इश्क,
सब झूठ था, तो झूठ अपनी जुबा को कहने देते ,
मै खुश था, मुझे धोखे में ही रहने देते …।।

(38) रिश्ते टूट कर चूर चूर हो गए,
धीरे धीरे वो हमसे 🚶दूर हो गए …
हमारी ख़ामोशी हमारे लिए गुन्हा बन
गयी,
और वो गुन्हा कर बेकसूर हो गए …।।

(39) कुछ लोग इतने गरीब होते है की,
देने के लिए कुछ नहीं होता तो धोखा दे देते है …

(40) इश्क में इसलिए भी धोखा खानें लगें हैं लोग ,
दिल की जगह जिस्म को चाहनें लगे हैं लोग।।

धोखेबाज शायरी

(41) धोखा देती है अक्सर मासूम चेहरे की चमक,
हर काँच के टुकड़े को हीरा नहीं कहते .. ।।

(42) इश्क़ अधूरा रहा तो क्या हुआ ,
हम तो पूरे बर्बाद हुए… ।।

(43) दिल टुटा है आज भी,
पर दर्द नहीं हुआ ….
क्या करे अब तो धोखा 🖤 खाना,
एक आदत सी बन गयी है …।।

(44) धोखा देकर ऐसे चले गए ,
जैसे कभी जानते ही नहीं थे …
अब ऐसे नफरत जताते हो,
जैसे प्यार को मानते ही नहीं थे …।।

(45) जो जता-जता के हमसे प्यार करते है ,
वही लोग अक्सर पीछे से वार करते है …।।

(46) बेवजह छोड़ गए हो,
बस इतना बताओ सुकून मिला की नहीं ….।।

(47) जितना गहरा भरोसा था उन पर,
उससे भी गहरा धोखा देकर चले गए वो …।।

(48) मैं उसका सबसे पसंदीदा खिलौना हूँ दोस्तों,

वो रोज़ जोड़ती है मुझे फिर से तोड़ने के लिए …।।

(49) धोखेबाज तो हज़ारों मिलेंगे ज़िन्दगी
में,इसका मतलब ये तो नही,की हम
भरोसा करना छोड़ दे।

(50) दिल के दर्द को दिखाना बड़ा मुश्किल है,
धोका खा कर बताना बड़ा मुश्किल है।

Dhokebaaz Shayari in Hindi

(51) देखें तो देखे कहां तक,यहां तो
हर शख्स धोखेबाज नजर आता है।

(52) यूँ अकेले तनहा रहने की आदत
नहीं थी मगर जबसे इश्क़ ने धोका
दिया है ये सब आम हो गया है।

(53) हम क्या शिकायत करें किसी
से,यहां तो हर कोई बेवफा है
इश्क करो भले जी जान से
धोखा यहां सबको मिलता है.

(54) मुझे किसी के बदल जाने का कोई
गम नहीं,बस कोई था जिससे ये
उमीद नहीं थी।

(55) बेवफाओं की इस दुनिया में संभल
कर चलना, यहाँ मोहब्बत से भी
बरबाद कर देतें हैं लोग।

(56) धोखा दिया था जब तूने मुझे.
जिंदगी से मैं नाराज था,सोचा
कि दिल से तुझे निकाल दूं.मगर
कंबख्त दिल भी तेरे पास था.

(57) ज़िन्दगी में सब कुछ करना पर
धोखा देने वाले इंसान पर वापस
भरोसा मत करना।

(58) वो सुना रहे थे अपनी वफाओ के किस्से,
हम पर नज़र पड़ी तो खामोश हो गए।

(59) धोकेबाज़ लोगों से रिश्ते बनाने से
बेहतर अकेले रहें यकीन मानें आप
ज्यादा खुश रहेंगे।

(60) खुदा ने पूछा क्या सज़ा दूँ उस बेवफ़ा को,
दिल ने कहा मोहब्बत हो जाए उसे भी।

(61) मुझसे मेरी वफ़ा का सबूत मांग रहा है
खुद बेवफ़ा हो के मुझसे वफ़ा मांग रहा है.

(62) तैरना तो आता था हमें मुहब्बत के
समंदर में लेकिन, जब उसने हाथ ही
नहीं पकड़ा तो डूब जाना अच्छा लगा.

(63) वक़्त के एक दौर में इतना भूखा था मैं
की,कुछ न मिला तो धोखा ही खा गया.

(64) जो दिखाई देता है वो हमेशा सच
नहीं होता, कहीं धोखे में आँखे है
तो कहीं आँखों में धोखा है.

(65) काश तुम समझ सकते चुप
रहने वालों को भी दर्द होता है.

(66) कितने शौक से छोड़ दिया तुमने
बात करना जैसे सदियों से तेरे
ऊपर कोई बोझ थे हम.

(67) मोहब्बत भी उधार की तरह है लोग
ले तो लेते है मगर देना भूल जाते हैं.

(68) मुझसे सीख कर मोहब्बत का हुनर
जाने किस किसको आशिक़ बनाओगे.

(69) दिल के ज़ख्म भरते-भरते कब वो
दिल ज़ख़्मी कर गए पता ही नहीं चला

(70) हर एक चेहरे की फितरत
में वफादारी नहीं होती

(71) दिलों जान से चाहा था उसे,
लेकिन उसने मेरी मजबूरी को
धोखेबाजी का नाम दे दिया।

(72) लम्हा लम्हा सांसे ख़तम हो रही है ,
जिंदगी मौत के पहलू में सो रही है …
उस बेवफा से ना पूछो मेरी मौत की वजह ,
वो तो जमाने को दिखाने के लिए रो रही है … ।।

(73) बस दिल लगी थी उसे हमसे मोहब्बत कब थी ,
महफ़िल ए गैर से उन को फुरसत कब थी…
हम थे मोहब्बत में लोट जाने के काबिल ,
उस के वादों में वो हकीकत कब थी … ।।

(74) मोहब्बत जिंदगी बदल देती है
मिल जाए तो भी और न मिले तो भी

(75) आज नींद ने न आने का वादा लिया हैं मुझ से,
तेरी तरह वो भी धोखे बाज निकली।

(76) मुझे तेरा इश्क़ बेइमान सा लगता है,
कभी इधर कभी उधर भटकता तेरा
दिल मुझे धोखेबाज सा लगता है।

(77) तनहाई मुझे अच्छी लगती है,
महफिल में तो सब धोखेबाज है।

(78) धोखा खानेवाले भी ,
क्या एहसान फरमाते हैं,
दुनिया से एक धोखेबाज की ,
पहचान करवाते हैं।

(79) हर मुलाकात पर वक्त का तकाजा हुआ,
हर याद पर दिल का दर्द ताजा हुआ,
सुनी थी सिर्फ लोगो से जुदाई की बाते,
आज खुद पर बीती तो हकीकत का अंदाजा हुआ

(80) कोई “शक्ल” नहीं होती धोखेबाजो की,
हमेशा चेहरे पर नकाब लेकर घूमते हैं यह लोग।

(81) हम क्या शिकायत करें किसी से ,
यहां तो हर कोई बेवफा है …
इश्क करो भले जी जान से ,
धोखा यहां सबको मिलता है … ।।

(82) वो हर दफा झूठ बोलता रहा,
मै सच समझता रहा,
कितने धोखे दिए उसने,
मै रोज मरता रहा।

(83) खुशी कम वह मेरे लिए गम ज्यादा छोड़ गए,
गैरों से मिलकर प्यार की मर्यादा तोड़ गई
अब गम से ही जिंदगी बसर हो जाएगी,
तड़पने के लिए वह हमें जिंदा आधा छोड़ गए … ।।

(84) आदत थी मेरी मुस्कुराने की
तुमने रोना सीखा दिया …
इन प्यार वाली बातों से ,
तुमने दूर रहना सीख दिया … ।।

(85) हर बात पर आंसू बहाया नहीं करते ,
दिल की बात हर किसीको बताया नहीं करते …
लोग मुट्ठी में नमक लेकर घूमते है
दिल के जख्म हर किसीको दिखाया नहीं करते … ।।

(86) उन्होंने हमें आजमाकर देख लिया,
इक धोखा हमने भी खा कर देख लिया,
क्या हुआ हम हुए जो उदास,
उन्होंने तो अपना दिल बहला के देख लिया..!!

(87) मेरी तन्हाई को मेरा शौक ना समझना ,
बड़े प्यार से दिया है तोहफा किसी ने … ।।

(88) जितना गहरा भरोसा था उन पर ,
उससे भी गहरा धोखा देकर चले गए वो … ।।

(89) जीते जी मौत से रूबरू होना है ,
तो किसी बेवफा से मोहब्बत कर लो .. ।।

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